देवता
हेस्पेरस
साथ ही: Vesper, Night-bringer, Noctifer
संध्या तारा (गोधूलि में शुक्र ग्रह); वही तारा भोर में 'बदले नाम' से प्रातः-तारा बनकर लौटता है। कविता 62 में विवाह-दिवस का शाप और वरदान दोनों।
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- कविताएँ §62 साँझ
संध्यातारा, गोधूलि में ग्रह वेनुस; वही तारा जो बदले नाम से भोर में उदयतारा बनकर लौटता है। वधू के माता-पिता के लिए अभिशाप, वर के लिए वरदान।