व्यक्ति
कोमिनियस
कविता 108 का घृणित वृद्ध मुखबिर, जिसके पक्षियों व पशुओं द्वारा टुकड़े-टुकड़े किए जाने की कल्पना कवि करता है।
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- कविताएँ §108 कोमिनियुस
वह घृणित बूढ़ा मुख़बिर जिसके पक्षियों और पशुओं द्वारा अंग-भंग की कल्पना कवि करता है।