व्यक्ति
हेरियस
कविता 54 में अपने देहाती, आधे-धुले पैरों हेतु उपहासित व्यक्ति; नाम (एरि/हेरि) एक पाठ-समस्या है।
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- कविताएँ §54 देहाती
देहाती, अधधुले पिंडलियों के लिए उपहासित पुरुष; मूल नाम (एरि/हेरि) पांडुलिपियों में भ्रष्ट है।
व्यक्ति
कविता 54 में अपने देहाती, आधे-धुले पैरों हेतु उपहासित व्यक्ति; नाम (एरि/हेरि) एक पाठ-समस्या है।
देहाती, अधधुले पिंडलियों के लिए उपहासित पुरुष; मूल नाम (एरि/हेरि) पांडुलिपियों में भ्रष्ट है।