व्यक्ति
पोस्तूमिया
कविता 27 की भोज-'उत्सव-स्वामिनी' (मैगिस्ट्रा बिबेंदी), जो अंगूर से भी अधिक मद्यप है।
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- कविताएँ §27 पोस्तुमिया
'भोज की स्वामिनी' (मागिस्त्रा बिबेन्दी), जो पीने के नियम तय करती है, स्वयं अंगूर से भी अधिक मदमस्त।
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कविता 27 की भोज-'उत्सव-स्वामिनी' (मैगिस्ट्रा बिबेंदी), जो अंगूर से भी अधिक मद्यप है।
'भोज की स्वामिनी' (मागिस्त्रा बिबेन्दी), जो पीने के नियम तय करती है, स्वयं अंगूर से भी अधिक मदमस्त।