व्यक्ति
विक्तियस
कविता 98 में गाली-गलौज़ भरी, कुत्सित जिह्वा हेतु प्रताड़ित व्यक्ति।
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- कविताएँ §98 विक्तियुस
यह अश्लील-जिह्वा पुरुष इस व्यंग्य-कविता में क्षत-विक्षत किया गया।
व्यक्ति
कविता 98 में गाली-गलौज़ भरी, कुत्सित जिह्वा हेतु प्रताड़ित व्यक्ति।
यह अश्लील-जिह्वा पुरुष इस व्यंग्य-कविता में क्षत-विक्षत किया गया।