स्थान
भारत
ज्ञात संसार की सीमा पर सुदूर पूर्व, 'सूर्य-दग्ध', कविता 45 में प्रेमी की शपथ में लीबिया के साथ आह्वान।
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- कविताएँ §45 भारत
तपता सुदूर पूर्व, प्रेमी की शपथ में लीबिया के साथ संसार के छोर पर नामित।
- कविताएँ §64 हाथीदाँत
भारत का हाथीदाँत, जिससे विवाह-शय्या बनी है।